किसी से सलाह लेने से पहले कुछ सर्तकता जरूरी है, पढ़ें..

sarthak ias

 

जीवन में कभी कोई छोटी-दुविधा, तो कभी कोई बड़ी परेशानी आपको सोच में डाल देती है । ऐसे में आप चाहते हैं, किसी ऐसे व्यक्ति से सलाह लेना जो आपकी भ्रम की स्थिति को पार लगा दे । यह सलाह कभी आपको अपने किसी सहकर्मी से मिलती है तो कभी किसी दोस्त या रिश्तेदार से। आप बड़ी ही आस और भरोसे के साथ किसी से अपनी समस्या बांटते हैं और आंख बंद करके उस पर अमल भी कर लेते हैं , लेकिन कई बार यह सलाह आपकी नैया को पार लगाने की जगह पूरा ही डुबो देती है ।

इसलिए सलाह पर अमल करने से पहले जरूरी है, थोड़ी-सी समझदारी. कैसे परखें कि आपको दी जाने वाली सलाह आपके काम को बनाएगी या पूरी तरह बिगाड़ देगी, आइए जाने...

मनोविशेषज्ञ के अनुसार, सही सलाह देने के लिए समस्या की प्रकृति के अनुरूप उस क्षेत्र से जुड़ी समझ और विशेषज्ञता भी जरूरी है। आपको आपकी परेशानी से जुड़ी सलाह देने वाला व्यक्ति भले ही कितना भी काबिल या अपने क्षेत्र का माना हुआ विशेषज्ञ हो, लेकिन हर व्यक्ति को हर बात का ज्ञान हो, यह जरूरी नहीं । इसलिए यह अवश्य जान लें कि जो व्यक्ति आपको किसी जरूरी मसले पर सलाह दे रहा है, क्या उसके पास आपकी समस्या को सुलझाने की काबिलियत है? जैसे कि अगर आप किसी तकनीकी मामले से जुडी समस्या का समाधान चाहते हैं तो इसके लिए कोई इतिहास का प्रोफेसर या काउंसलिंग एक्सपर्ट आपको सही सलाह नहीं दे सकता. इसलिए अगर आपका डॉक्टर दोस्त, आपकी कैरीयर और जिंदगी से जुड़ी किसी परेशानी का हल बताए और कहे कि आपको कि सब कुछ छोड़ कर किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में ध्यान लगाना चाहिए तो, केवल यह सोच कर आख मूंद कर उस पर भरोसा न कर लें कि आपको सलाह देने वाला व्यक्ति जीवन में काबिलियत की जंग जीत चुका है।

 आपको मिलने वाली कोई भी सलाह तभी सही हो सकती है अगर वह आपके लक्ष्यों और आपकी परिस्थितियों के अनुरूप हो । इसी के साथ एक सवाल यह भी उठता है कि सलाह को अमली जामा पहनाने के लिए क्या आपके पास जरूरी संसाधन हैं? जैसे अगर आपकी नौकरी में बहुत सी परेशानियां हैं और समाधान के लिए आपका कोई दोस्त आपको यह सलाह देता है कि आपको भी अपना किसी परीक्षा की तैयारी शुरू करने के बारे में सोचना चाहिए । ऐसे में उसकी सलाह पर तुरंत अमल करके नौकरी छोड़ देना बड़ी भूल साबित हो सकती है । इस प्रकार की सलाह मानने से पहले अपनी परिस्थितियों का आकलन करें । जैसे कि, क्या प्रतियोगी परीक्षा के तैयारी के लिए आप पूंजी जुटा सकते हैं? क्या आप में अपने प्रतियोगी परीक्षा को शुरू कर पाने के लिए जरूरी हुनर है? अच्छी सलाह का ठोस होना जरूरी है. मामला चाहे कोई भी हो, सलाह देने वाले लोग अकसर ऐसी ही बातें कहते हैं । इसलिए कोई भी ऐसी सलाह जिसमें आपको बिना किसी मजबूत आधार, जरूरी दिशा- निर्देश या कार्य योजना की विस्तृत और में और सही जानकारी की जगह केवल अनावश्यक सलाह ही मिले तो वह बेकार है।

 बात चाहे कोई भी हो, आपकी जिंदगी से जुड़े हर छोटे-बड़े मसले में, आपके मन की आवाज से सही और सटीक कुछ भी नहीं हो सकता । मसलन, अपने करियर को एक ऊंची उड़ान देने के लिए आपके ऑफिस का सहकर्मी आपको किसी खास प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी लेने की सलाह देता है, लेकिन आपकी समझ और आपका मन आपको इसके समस्या के लिए है या आपकी समस्या के इर्द- विपरीत संकेत दे रहा है तो ऐसे में अपने दिल की जरूर सुनें, आपके दोस्त या सहकर्मी की तुलना में आपका दिल हमेशा आपको सही सलाह देगा सही सलाह भले ही अच्छी हो, लेकिन अगर वह व्यवहारिकता की कसौटी पर खरी न उतरे, तो उसे दरकिनार कर देने में ही भलाई है । - ध्यान दें कि सलाह सटीक तौर पर आपकी समस्या के लिए है या बस यूं ही इधर उधर की बातों का ध्यान में रख कर दी गई हैं। यह आकलन करें कि सलाह देने वाले व्यक्ति की प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल कैसी है और ठीक ऐसी ही परिस्थिति में क्या वह खुद भी इसी सलाह पर अमल करना चाहेंगे? पिछले अनुभवों के आधार पर भी आप तय कर सकती हैं कि जिस व्यक्ति से आप सलाह लेने जा रही हैं, पिछले समय में उसकी सलाह कितनी काम की रही।